खाद्य सुरक्षा पर सरकार सख्त, प्रदेशभर में सघन जांच अभियान, जांच को भेजे फलों-सब्जियों के 33 नमूने, आयुक्त सचिन कुर्वे ने कहा – चारधाम यात्रा के दौरान प्रदेश में आने वाले श्रद्धालुओं के सेहत की सुरक्षा राज्य सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता

देहरादून : चारधाम यात्रा और पर्यटन सीजन को देखते हुए प्रदेश में खाद्य सुरक्षा को लेकर प्रशासन पूरी तरह अलर्ट मोड में है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी और स्वास्थ्य मंत्री सुबोध उनियाल के निर्देशों पर खाद्य संरक्षा एवं औषधि प्रशासन विभाग ने राज्यभर में सघन अभियान शुरू कर दिया है। विभाग के आयुक्त सचिन कुर्वे के मार्गदर्शन और अपर आयुक्त ताजबर सिंह जग्गी के नेतृत्व में टीमें सभी जनपदों में युद्धस्तर पर कार्रवाई कर रही हैं। खासतौर पर चारधाम यात्रा मार्गों, होटल-ढाबों, फल-सब्जी मंडियों और अस्थायी खाद्य दुकानों पर विशेष निगरानी रखी जा रही है, ताकि यात्रियों को सुरक्षित और गुणवत्तापूर्ण भोजन उपलब्ध हो सके।

यात्रा मार्गों पर कड़ी निगरानी

चारधाम यात्रा के दौरान लाखों श्रद्धालु प्रदेश में पहुंचते हैं, ऐसे में खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता बनाए रखना बड़ी चुनौती होती है। इसे देखते हुए विभाग ने यात्रा रूट पर विशेष टीमें तैनात की हैं, जो लगातार निरीक्षण कर रही हैं। अधिकारियों के अनुसार, होटल, रेस्टोरेंट, ढाबों और फूड स्टॉल्स में साफ-सफाई, खाद्य सामग्री की गुणवत्ता और लाइसेंसिंग की गहन जांच की जा रही है। नियमों का उल्लंघन पाए जाने पर तत्काल कार्रवाई की जा रही है।

फलों और सब्जियों पर विशेष अभियान

इसी कड़ी में 28 अप्रैल को पूरे प्रदेश में फल और सब्जियों में कीटनाशकों और कृत्रिम रूप से पकाने वाले रसायनों की जांच के लिए विशेष अभियान चलाया गया। इस दौरान विभिन्न जनपदों से कुल 33 नमूने एकत्रित किए गए। अभियान का मुख्य उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि बाजार में बिक रहे फल और सब्जियां स्वास्थ्य के लिए सुरक्षित हों और उनमें हानिकारक रसायनों का अत्यधिक उपयोग न किया गया हो।

इन जिलों से लिए गए नमूने

अभियान के तहत हरिद्वार जनपद से सर्वाधिक 12 नमूने लिए गए, जिनमें तरबूज, खरबूजा, आम, केला, सेब, पपीता, करेला, भिंडी और परवल शामिल हैं। ऊधमसिंह नगर से 3 नमूने (तरबूज, केला, लौकी), बागेश्वर से 3 (आम, केला, अंगूर) और पिथौरागढ़ से 2 नमूने (तरबूज, लौकी) एकत्र किए गए। टिहरी और अल्मोड़ा से 2-2 नमूने लिए गए, जिनमें आम, सेब, तरबूज और बैंगन शामिल हैं। रुद्रप्रयाग से 2 (भिंडी, सेम), नैनीताल से 5 (सेब, आम, मौसंबी, टमाटर, लौकी) और चमोली से 2 नमूने (खीरा, केला) जांच के लिए संग्रहित किए गए।

जांच के बाद होगी सख्त कार्रवाई

अपर आयुक्त ताजबर सिंह जग्गी ने बताया कि सभी नमूनों को जांच के लिए प्रयोगशालाओं में भेज दिया गया है। रिपोर्ट आने के बाद यदि किसी नमूने में मानकों से अधिक कीटनाशक या कृत्रिम पकाने वाले रसायन पाए जाते हैं, तो संबंधित व्यापारियों और आपूर्तिकर्ताओं के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। इसमें लाइसेंस निलंबन, जुर्माना और कानूनी कार्रवाई भी शामिल हो सकती है।

जनता से सतर्क रहने की अपील

अपर आयुक्त ताजबर सिंह जग्गी ने आमजन और यात्रियों से अपील की है कि वे फल और सब्जियां खरीदते समय सतर्कता बरतें। अत्यधिक चमकदार या अस्वाभाविक रूप से पके हुए फलों से बचें और किसी भी संदिग्ध खाद्य सामग्री की सूचना तुरंत विभाग को दें। विभाग का कहना है कि जनसहयोग से ही खाद्य सुरक्षा सुनिश्चित की जा सकती है।

होटल-ढाबों और खाद्य प्रतिष्ठानों की लगातार जांच, मिलावट पर जीरो टॉलरेंस – आयुक्त सचिन कुर्वे

खाद्य संरक्षा एवं औषधि प्रशासन विभाग के आयुक्त सचिन कुर्वे ने कहा कि चारधाम यात्रा के दौरान प्रदेश में आने वाले श्रद्धालुओं की सुरक्षा सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने बताया कि विभाग द्वारा राज्यभर में सघन अभियान चलाया जा रहा है, जिसमें विशेष रूप से यात्रा मार्गों, होटल-ढाबों और खाद्य प्रतिष्ठानों की नियमित जांच की जा रही है। फल और सब्जियों में कीटनाशकों तथा कृत्रिम पकाने वाले रसायनों के उपयोग को रोकने के लिए विशेष अभियान चलाया गया है। उन्होंने कहा कि किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी और मानकों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। साथ ही उन्होंने आमजन से अपील की कि वे जागरूक रहें और संदिग्ध खाद्य पदार्थों की जानकारी विभाग को दें, ताकि समय रहते कार्रवाई सुनिश्चित की जा सके।

मानकों पर खरे न उतरने वालों पर होगी सख्त कार्रवाई – अपर आयुक्त ताजबर सिंह जग्गी 

अपर आयुक्त ताजबर सिंह जग्गी ने बताया कि विभाग की टीमें लगातार फील्ड में सक्रिय हैं और यात्रा मार्गों पर विशेष निगरानी रखी जा रही है। उन्होंने कहा कि फल और सब्जियों के नमूने लेकर उनकी जांच कराई जा रही है, ताकि किसी भी प्रकार की मिलावट या हानिकारक रसायनों के उपयोग को रोका जा सके। उन्होंने स्पष्ट किया कि जांच रिपोर्ट में यदि कोई भी नमूना मानकों के अनुरूप नहीं पाया जाता है, तो संबंधित के खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाएगी। विभाग का उद्देश्य आमजन और यात्रियों को सुरक्षित और शुद्ध खाद्य सामग्री उपलब्ध कराना है।

Portaladmin

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Next Post

भूमि विवाद सुलझाकर जल्द शुरू हों हाईवे कार्य – डीएम गौरव कुमार

Wed Apr 29 , 2026
गोपेश्वर (चमोली)। चमोली के जिलाधिकारी गौरव कुमार ने एनएचआईडीसीएल को भूमि विवाद मामलों को जल्द निस्तारण कर हाइवे सुधारीकरण के कार्य जल्द शुरू करने को कहा।  डीएम ने बीआरओ के अधिशासी अभियंता को ज्योतिर्मठ से मारवाड़ी क्षेत्र के मध्य मार्ग सुधारीकरण कार्यों को प्राथमिकता के आधार पर जल्द पूरा करने […]

You May Like

Breaking News

Share
error: Content is protected !!