चिपको आंदोलन की वर्षगांठ पर लिया जंगलों को सुरक्षित रखने का संकल्प

गोपेश्वर (चमोली)। चिपको आंदोलन की 53वीं वर्षगांठ पर जंगलों की सुरक्षा का संकल्प लिया गया। चिपको आंदोलन की मातृ संस्था दशोली ग्राम स्वराज्य मंडल की 53वीं वर्षगांठ पर जलते जंगलों और बदलते पर्यावरण विषय पर चिंतन गोष्ठी का आयोजन किया गया। गोष्ठी में कहा गया कि 1 अप्रैल 1973 को पहली बार सर्वदलीय बैठक में पेड़ों को बचाने के लिए चिपको आंदोलन का संकल्प लिया गया था। इस दौरान तमाम जंगल काटे जा रहे थे। जंगलों को बचाने के लिए चंडीप्रसाद भट्ट की ओर से तैयार किए गए चिपको आंदोलन की रणनीति को लेकर जिलाधिकारी के माध्यम से राज्य सरकार को अल्टीेमेंटम दिया गया।

गोष्ठी में चिपको आंदोलन की मातृ संस्था के कार्यकर्ता अब्बल सिंह नेगी ने आंदोलन के सस्मरणों को साझा करते हुए कहा गया कि मौजूदा दौर में जंगलों को आग से बचाने की बड़ी चुनौती आ खड़ी हो गई है। चिपको आंदोलन के दौर में कुल्हाड़ी से जंगलों को बचाने की मुहिम छेडी गई थी। मौजदा दौर में नई पीढ़ी को जंगलों को आग से बचाने की मुहिम छेड़नी पड़ेगी। सुधीर चमोली ने कहा चिपको की प्रासंगिकता को नई पीढ़ी तक पहुंचाने की जरूरत है। डा. विनोद चंद्र का कहना था कि गांधीवादी विचारधारा के बल पर चले चिपको के संदेश को जन-जन तक पहुंचाना होगा।

इस दौरान सीपी भट्ट पर्यावरण एवं विकास केंद्र के न्यासी मंगला कोठियाल, दशोली ग्राम स्वराज्य मंडल के मंत्री विनय सेमवाल, सतेंद्र सिंह आदि मौजूद रहे।

Portaladmin

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Next Post

देहरादून में अपराध पर सख्ती : “ऑपरेशन प्रहार” शुरू, डीजीपी के कड़े निर्देश

Thu Apr 2 , 2026
देहरादून। राजधानी में हालिया आपराधिक घटनाओं को गंभीरता से लेते हुए उत्तराखंड सरकार के निर्देश पर पुलिस ने “ऑपरेशन प्रहार” शुरू करने का फैसला लिया है। इस संबंध में पुलिस मुख्यालय में उच्च स्तरीय बैठक आयोजित की गई, जिसकी अध्यक्षता पुलिस महानिदेशक दीपम सेठ ने की। बैठक में आईजी गढ़वाल […]

You May Like

Share
error: Content is protected !!