सेलंग में पारंपरिक ‘रम्माण’ मेले की धूम, संस्कृति और आस्था का संगम

ज्योतिर्मठ (जोशीमठ)। पैनखंडा क्षेत्र के अंतर्गत ग्राम सेलंग में इस वर्ष भी पौराणिक एवं ऐतिहासिक ‘रम्माण’ मेले का हर्षोल्लास के साथ आयोजन किया गया। भगवान राम, नृसिंह और भूमि क्षेत्रपाल देवता को समर्पित यह मेला न केवल क्षेत्र की प्राचीन संस्कृति का प्रतीक है, बल्कि स्थानीय लोक जीवन की जीवंत झलक भी पेश करता है। प्रतिवर्ष वैशाख माह में आयोजित होने वाले इस मेले की शुरुआत संक्रांति से होती है, जिसके बाद संयुक्त पंचायत के तत्वावधान में प्रतिदिन भूमियाल देवता की पूजा-अर्चना और चावल के भात का भोग लगाकर सुख-समृद्धि की कामना की जाती है। अंततः इस मेले का समापन पौराणिक एवं ऐतिहासिक विरासत ‘रम्माण’ के भव्य आयोजन के साथ होता है।

रम्माण मेले की तिथि का निर्धारण ग्राम पंचायत की संयुक्त बैठक में बेहद बारीकी से किया जाता है। परंपरा के अनुसार, ऐसा दिन चुना जाता है जो महीने का बेजोड़ दिन (गते) हो और वार बुधवार या रविवार पड़े। इसी क्रम में इस वर्ष पंचायत द्वारा 13 गते वैशाख, रविवार का दिन निश्चित किया गया था। रम्माण मेला केवल एक आयोजन नहीं, बल्कि यहाँ की प्राचीन जीवन पद्धति और लोक संस्कृति का आधार है। स्थानीय निवासियों का अटूट विश्वास है कि इस आयोजन से क्षेत्र में फसल अच्छी होती है और दैवीय आपदाओं से रक्षा होती है। मेले के दौरान ढोल की 18 तालों पर विभिन्न पौराणिक पात्रों ने मंत्रमुग्ध कर देने वाला नृत्य प्रस्तुत किया, जिसमें गणेश, राम-लक्ष्मण, सीता और हनुमान के पावन नृत्यों के साथ-साथ सूर्य, वैदी, कानडु, ईश्वर, गाना-गानी और मालों का मल्ल युद्ध आकर्षण का केंद्र रहा। वहीं ‘चोर’ के पात्र ने अपने अभिनय से दर्शकों का भरपूर मनोरंजन किया।

इस वर्ष का रम्माण मेला शैक्षणिक दृष्टि से भी महत्वपूर्ण रहा। दिल्ली यूनिवर्सिटी के चार रिसर्च स्कॉलर, जो साहित्य एवं लोक संस्कृति पर शोध कर रहे हैं, विशेष रूप से इस मेले का अध्ययन करने पहुंचे। उनके साथ प्रसिद्ध संस्कृति कर्मी एवं साहित्यकार नन्द किशोर हटवाल ने भी शिरकत की। वर्तमान में ग्रामीण अपने व्यक्तिगत संसाधनों से इस ऐतिहासिक विरासत को सहेजने का कार्य कर रहे हैं। मेले के अंत में भूमियाल देवता ने अवतरित होकर भक्तों को आशीर्वाद दिया और अगले एक वर्ष के लिए अपने मूल स्थान पर विराजमान हुए।

इस पावन अवसर पर बड़ी संख्या में जनप्रतिनिधियों और गणमान्य लोगों ने शिरकत की, जिनमें नगर पालिका अध्यक्षा ज्योतिर्मठ देवेश्वरी शाह, ब्लॉक प्रमुख अनूप नेगी, ब्लॉक कांग्रेस अध्यक्ष दिगंबर सिंह बिष्ट, नगर कांग्रेस अध्यक्ष प्रकाश नेगी, वन पंचायत सरपंच पैनी लक्ष्मण सिंह बिष्ट, नगर महिला कांग्रेस अध्यक्षा आरती उनियाल, ग्राम प्रधान भंग्यूल मिथलेश सिंह फर्स्वाण, डॉ. अजितपाल रावत, ग्राम प्रधान सेलंग रोशना बिष्ट, वन पंचायत सरपंच सेलंग शिशुपाल भंडारी, महिला मंगलदल अध्यक्षा सरिता देवी और मोहन सिंह फरस्वांण समेत सैकड़ों देव भक्त मौजूद रहे।

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